पितृदोष के संकेत और सरल उपाय

1.घर के सभी सदस्य आपस में झगड़ते हैं।
2.सभी तरह से सम्पनता के बावजूद कष्ट मिलना।
3.मेहमान घर से कभी संतुष्ट होकर नहीं जाते हैं।
4.परिवार के मुखिया का बार बार बीमार होना
5.संतान होने में दिक्कत या संतान से सम्बन्ध ख़राब होना।
6.पेड़ पौधा घर में सुख जाना या उसका विकास नहीं होना।
7.सारी सम्पनता के बाबजूद विवाह होने में दिक्कत होना या उसका सुख नहीं मिलना।
8.परिवार धीरे धीरे छोटा होना।
9.कारोबार या नौकरी में योग्यता के वाबजूद उसका रिजल्ट नहीं मिलना।
10.घर में असमय किसी का मृत्यु होना या दुर्घटना होना
अगर आपके साथ ये सब समस्या हैं तो किसी योग्य ज्ञानी से अपने कुंडली को दिखवाये और उनसे कहे उपाय कुछ वर्षो तक करें तब ही पितृदोष खत्म होगा
 वैसे में दोष को दूर करने का  साधारण उपाय आपको बताता हूँ ………..
 1अमावस्या को घर के आंगन में ईशान कोण में घी का दीपक जलावे शाम को 6:00 से 8:00 बजे के बीच में……
2.. जब भी घर में कोई श्राद्ध हो तब तर्पण जरूर करवाएं…….


3.. अमावस्या को गौ सेवा जरूर करे……

4.. दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके प्रार्थना करें नित्य स्नान के बाद प्रार्थना हे पितृ  देवता मुझे क्षमा करें।
●● विशेष ●●  प्रत्येक अमावस्या को, घर मे खीर बनायें : गाय की पहली रोटी को छोड़कर, दूसरी या तीसरी रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े कर, अच्छी तरह से, खीर मे मिला दें, इसके बाद पितरो को भोग लगाकर, कौओं को खिलाये, सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
*नोट :- पित्र दोष का गारण्टी के साथ निवारण के लिए संपर्क करें*
पंडित विजय खेडवाल 9351288607 
*उपरोक्त उपाय योग्य गुरुजनो के मार्गदर्शन से ही करे।*

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