कौन सा अनाज भगवान शिव को चढ़ाने से क्या फल मिलता है:-
🔸भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती
है।
🔸तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
🔸जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
🔸 भगवान शिव को गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।
सभी भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरण कर देना चाहिए।
शिव पुराण में विभिन्न रसों से भगवान शिव की पूजन का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया है, जिससे साधक को कई रोगों से छुटकारा मिल जाता है।वही मनचाहे फल की प्राप्ति भी होती है और यह इस प्रकार है:-
🔹 ज्वर (बुखार) से पीड़ित होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से शीघ्रता शीघ्र ही लाभ मिलता है सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव का पूजन उत्तम बताया गया है।
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नपुंसक व्यक्ति अगर घी से शिव की पूजा करें मैं ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा सोमवार का व्रत करें तो उसकी समस्या का निदान हो जाता है।
🔹 तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को चढ़ाया जाता है।
🔹 सुगंधित तेल में शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में वृद्धि होती है।
🔹 भगवान शिव पर गन्ने के रस की धारा चढ़ाई जाए तो सभी आनंद की प्राप्ति होती है।
🔹 शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
🔹 मधु (शहद) की धाराशिव पर चढ़ाने से (टीबी) का रोग दूर हो जाते हैं।
शिवपुराण की रूद्र संहिता में भगवान शिव का विभिन्न पुष्पों से पूजन करने तथा उनसे प्राप्त होने वाले फलों का विस्तृत वर्णन मिलता है जो इस प्रकार है:-
🔸 लाल व सफेद आंकड़े के फूल से शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
🔸 चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।
🔸 अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।
🔸 शमी पत्रों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।
🔸 दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है।
🔸 कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नवीन वस्त्रों की प्राप्ति होती है।
🔸 बेला के फूल से पूजन करने पर शुभ लक्षणों से युक्त पत्नी मिलती है।
🔸धतूरे के पुष्प से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं जो कुल का नाम रोशन करता है।
🔸 हरसिंगार के पुष्पों से पूजन करने पर सुख संपत्ति में वृद्धि होती है।
🔸 जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्य की कमी नहीं होती।
सावन में प्रतिदिन अभिषेक करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।