ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की शांति और मजबूती के लिए रत्नों को धारण किया जाता है। इन्हीं रत्नों में एक रत्न है नीलम, जिसे शनि ग्रह की शांति के लिए धारण किया जाता है। नीलम रत्न का प्रभाव बहुत ही तेजी से दिखता है। इस चमत्कारिक रत्न को धारण करने वाले जातकों को आर्थिक लाभ मिलता है। वह जातक नौकरी और व्यवसाय में खूब उन्नति करता है। यह रत्न शनि दोषों से मुक्ति दिलाने में बेहद कारगर होता है। शनि साढ़ेसाती, शनि ढैय्या के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। नीलम रत्न रंक को भी राजा बना सकता है। हालांकि इस रत्न को धारण करने से पूर्व किसी अच्छे ज्योतिषी का परामर्श अवश्य लें। क्योंकि अगर रत्न आपके प्रतिकूल हुआ तो इसके नकारात्मक परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है। आप भी अपनी राशि के अनुसार रत्न धारण कर सकते हैं-
मेष राशि
मेष राशि के जातकों को मूंगा रत्न पहनना चाहिए। इस राशि का स्वामी मंगल ग्रह है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों को हीरा और ओपल को धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी शुक्र है।
मिथुन राशि
बुध राशि के जातकों को पन्ना रत्न धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी बुध ग्रह है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को मोती धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी चंद्र ग्रह है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को माणिक्य रत्न पहनना चाहिए। इस राशि का स्वामी सूर्य ग्रह है।
कन्या राशि
इस राशि वालों के लिए पन्ना रत्न शुभ होता है। इस राशि का स्वामी बुध ग्रह है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों को हीरा या जरकन रत्न धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी शुक्र है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को मूंगा धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी मंगल ग्रह है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को पुखराज रत्न पहनना चाहिए। इस राशि का स्वामी बृहस्पति ग्रह है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को नीलम रत्न को पहनना चाहिए। इस राशि का स्वामी शनि ग्रह है।
कुंभ राशि
इस राशि के जातकों को भी नीलम रत्न धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी शनि ग्रह है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों को पुखराज धारण करना चाहिए। इस राशि का स्वामी बृहस्पति ग्रह है।
विजय कुमार खेडवाल 9351288607