1 यदि सप्तमेश सप्तम भाव में हो या सप्तम भाव पर सप्तमेश की दृष्टि हो तो बिजनेस में सफलता मिलती है।

2 सप्तमेश स्व या उच्च राशि में होकर शुभ भाव (केंद्र-त्रिकोण आदि) में हो तो बिजनेस के अच्छे योग होते हैं।

3 यदि लाभेश लाभ स्थान में ही स्थित हो तो व्यापार में अच्छी सफलता मिलती है।

4 लाभेश की लाभ स्थान पर दृष्टि हो तो व्यापार में सफलता मिलती है।

5 यदि लाभेश दशम भाव में और दशमेश लाभ स्थान में हो तो अच्छा व्यापारिक योग होता है।

6 दशमेश का भाग्येश के साथ राशि परिवर्तन भी व्यापार में सफलता देता है।

7 यदि धनेश और लाभेश का योग शुभ स्थान पर हो या धनेश और लाभेश का राशि परिवर्तन हो रहा हो तो भी
व्यापार में सफलता मिलती है।

8 यदि किसी व्यक्ति की सर्वाष्टकवर्ग कुंडली के ग्यारहवे भाव में बारहवे भाव से अधिक बिंदु हों तो व्यापार के लिए अच्छा योग होता है ग्यारहवे भाव में बारहवे भाव से जितने अधिक बिंदु होंगे उतना ही अच्छा लाभ मिलेगा।

9 सप्तमेश यदि मित्र राशि में शुभ भावों में स्थित हो तो भी बिजनेस में जाने का योग होता है।

10 यदि सप्तमेश और दशमेश का राशि परिवर्तन हो अर्थात सप्तमेश दशम भाव में और दशमेश सप्तम भाव में हो तो भी बिजनेस में सफलता मिलती है।

11 सप्तमेश और लग्नेश का राशि परिवर्तन भी बिजनेस में सफलता दिलाता है।

12 बुध स्व या उच्च राशि (मिथुन, कन्या) में होकर शुभ भावों में हो तो बिजनेस में जाने का अच्छा योग होता है।

13 बुध यदि शुभ स्थान केंद्र-त्रिकोण में मित्र राशि में हो और सप्तम भाव, सप्तमेश अच्छी स्थिति में हो तो भी बिजनेस में सफलता मिल जाती है।

14 कुंडली का लाभ स्थान(ग्यारहवा भाव) जितना अधिक बलि होगा बिजनेस में उतनी ही अच्छी उन्नति होगी।

15 सप्तमेश और लाभेश का राशि परिवर्तन भी अच्छा व्यापारिक योग देता है।

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