धूप कई प्रकार की होती है। तंत्रसार के अनुसार अगर, तगर, कुष्ठ, शैलज, शर्करा, नागरमोथा, चंदन, इलाइची, तज, नखनखी, उशीर, जटामांसी, कर्पूर, ताली, सदलन और गुग्गुल ये सोलह प्रकार के धूप माने गए हैं। इसे षोडशांग धूप कहते हैं।
गुग्गुल का उपयोग सुगंध, इत्र व औषधि में भी किया जाता है। इसकी महक मीठी होती है और आग में डालने पर वह स्थान सुंगध से भर जाता है। अक्सर इसकी धूप घर मंदिर आदि में दी जाती है। आओ जानते हैं गुग्गुल की धूप देने से क्या फायदा होता है।
1. दिल और दिमाग के दर्द में राहत गुग्गल की सुगंध से जहां आपके मस्तिष्क का दर्द और उससे संबंधित रोगों का नाश हो जाता है। इसे दिल के दर्द में भी लाभदायक माना गया है।
2. किया कराया मिटे घर में साफ-सफाई रखते हुए पीपल के पत्ते से 7 दिन तक घर में गौमूत्र के छींटे मारें एवं तत्पश्चात शुद्ध गुग्गल की धूप जला दें। इससे घर में किसी ने कुछ कर रखा होगा तो वह दूर हो जाएगा।
3.गृह कलह शांत हो हफ्ते में 1 बार किसी भी दिन घर में कंडे जलाकर गुग्गुल या गुग्गल की धूनी देने से गृह कलह शांत होता है।
4.तनाव और अनिद्रा में राहत यदि आपको किसी भी प्रकार का तनाव है या चिंता है तो गुग्गुल की धूप से राहत मिलेगी। इससे रात में अच्छी नींद भी आती है।
5.पारलौकिक मदद के लिए कहते हैं कि इस धूप से पारलौकिक या दिव्य शक्तियां आकर्षित होती है और व्यक्ति को उनसे मदद मिलती है। मंदिर या समाधी पर इसकी धूप लगाएं। यह धूप देवताओं के निमित्त ही देना चाहिए।
कैसे दें धूप सर्वप्रथम एक कंडा जलाएं। फिर कुछ देर बार जब उसके अंगारे ही रह जाएं तब उस पर गुग्गुल डाल दें। इससे संपूर्ण घर में एक सुगंधित धुआं फैल जाएगा। अक्सर यह धूप पूजन के समय अथवा संक्रमण के समय
दिन में 12 बजे दोपहर 3 बजे संध्या 6 बजे रात्रि 9 बजे और रात्रि 12बजे सवेरे 3 बजे को दी जाती है।
मंगल शनि विशेष फायदा रहता है रोज़ करो तो अति उत्तम
लोंग और कपूर पीस कर थोड़ा गूगल मिलाकर दी गयी धूप श्रेष्ठ होगी।