पूजा घर और तिजोरी जानिए कुछ खास


 हमारे घर में पूजाघर और तिजोरी का स्थान नियुक्त होता है। हमेशा पूजाघर को उत्तर या ईशान दिशा में बनाया जाता है जबकि तिजोरी इस तरह रखी जाती है जिससे कि उसका द्वार उत्तर या ईशान में खुले। दोनों का ही सही दिशा और सही तरीके से रखा होना जरूरी है। आओ जानते हैं इस संबंध में 5 टिप्स।
                                                                             पूजाघर
1.घर में पूजाघर है तो किसी लाल किताब के विशेषज्ञ से पूछकर ही पूजा घर बनवाएं। यदि वह बनाने की छूट देता है तो किसी वास्तुशस्त्री से संपर्क करके ही पूजाघर बनवाएं। ऐसे इसलिए लिखना पड़ रहा है क्योंकि किसी की कुंडली अनुसार घर में पूजा घर रखना नुकसानदायक होता है।
 2.किसी देवी-देवता की एक से ज्यादा मूर्ति या तस्वीर न रखें।
 3.पूजा घर के अलावा देवी या देवता की मूर्ति या चित्र घर के अन्य किसी हिस्से में न लगाएं।
 4.किसी भी देवता की दो तस्वीरें ऐसे न लगाएं कि उनका मुंह आमने-सामने हो। देवी-देवताओं की तस्वीर कभी नैऋत्य कोण में न लगाएं, वरना कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसने की पूरी संभावना रहती है।
 5.घर में देवी-देवताओं पर चढ़ाए गए फूल या हार के सूख जाने पर भी उन्हें घर में रखना अलाभकारी होता है।

                                                                             तिजोरी
1.तिजोरी में हल्दी की कुछ गांठ एक पीले वस्त्र में बांधकर रखें। साथ में कुछ कोड़ियां और चांदी, तांबें आदि के सिक्के भी रखें। कुछ चावल पीले करके तिजोरी में रखें।
2.तिजोरी में इद्र की शिशी, चंदन की बट्टी या अगरबत्ती का पैकेट भी रख सकते हैं जिससे उसमें सुगंध बनी रहेगी।
3.तिजोरी में 10-10 के नोट की एक गड्डी, कुछ पीतल-तांबें के सिक्के, पीली कौड़ी और दक्षिणावर्ती शंख रखें।
4.तिजोरी के सामने भगवान की कोई तस्वीर नहीं होनी चाहिए।
5.तिजोरी में एक छोटा सा श्रीफल भी रखें जिसे समय समय पर बदलते रहें।

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